Followers

Thursday, February 26, 2015

तडफता रहा





पल-पल तड़फता रहा
तेरी महोब्बत के लिए
हाए मैं....
जिन्दगी यूँ ही गुजर गई
आहिस्ता-आहिस्ता दर्द के
सायॆ में.....
देवेन्द्र "सागर"

No comments:

Post a Comment