माँ मेरा भी करता है मन पढने का
जीवन में कुछ करने का
शिक्षा के पथ पर आगे बढ़ना का
मेडम जी के रजिस्टर में
मेरा भी नाम लिखबा दो
माँ बापू से कहकर
मुझे भी पाठशाला भिजबा दो
मै भैया जैसे नहीं रोऊँगी
देर सुबह तक नहीं सोऊँगी
काम सारा तेरा कर जाऊँगी
तुझे जरासा भी ना सताऊँगी
बस थोड़ी सी सिपारिस
करबादो
माँ बापू से कहकर
मुझे भी पाठशाला भिजबादो...
में रोज स्कुल जाऊँगी
लंच में जो देगी सो लेजाऊँगी
पैसे भी नहीं माँगूगी
स्कुल से जल्दी नहीं भागूगी
माँ बस्ता न दिलबाना
बस उस में रखने बाली
किताब दिलबादो
माँ बापू से कहकर
मुझे भी पाठशाला भिजबादो....
माँ मुझे भी भैया जैसे पढना है
अज्ञानता से लड़ना है
माँ में टीचर बन जाऊँगी
चोपाल बाले नीम के नीचे
एक पाठशाला लगाउंगी
गाँव की सारी बालाओ को पढ़ाऊँगी
माँ मेरा सपना साकार करबादो
माँ एक बार, बस एक बार
बापू से कहकर
मुझे भी पाठशाला भिजबादो....
देवेन्द्र "सागर"
२३-०४-२०१४

अति सुन्दर रचना....
ReplyDeleteशुक्रिया.....
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