भावनाओं का सागर
मेरे दिल में उमड़तीं हुईं भावनाएं
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Tuesday, April 22, 2014
दर्द दिल का किस से कहूँ.....
बिना उसके कैसे रहूँ .......
ऐ दर्दे - दिल किस से कहूँ
निकलता है वक्त अब उनकी यादों मै
ऐ यादों कि बाते किससे कहूँ
बो रहबर बन के आया जिन्दगी का
और तन्हा सफर में छोड़ गया
सफर बांकी है आभी जिंदगी का बहुत
इस अधूरे सफर की दस्ता किससे कहूँ
" सागर "
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