भावनाओं का सागर
मेरे दिल में उमड़तीं हुईं भावनाएं
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Tuesday, April 15, 2014
~दिलजले~
~~दिलजले~~
जमाना गुजर गया है उनसे न मिले
मेरे महबूब ऐसे गऐ की फिर ना मिले
भूल गऐ बो सारे कस्मोबादे
बना गए है आज बो हमें दिल दिलजले
~~~~ देवेन्द्र सागर~~~~~~
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