♥♥♥ग़मगीन होली ♥♥♥
मेरे यार कहते है लगबाओ होली का रंग
रोज पीतेहो शराब आओ आज पिलाये भंग
बो क्या समझे कितने लगे है मुझको रंग
शराब के सहारे लड़ रहा हूँ जिंदगी से जंग
अब मैं उन रंगो के बारे में बताना चाहुँगा
जो मेरे जीवन में परत दर परत चढ़े हुऐ है
जरा ध्यान दीजियेगा .......
पहला रंग मुझ पर उस हरजाई का
दूजा रंग मुझ पर उसकी रुसबाई का
तीजा रंग मुझ पर उसकी जुदाई का
चौथा रंग मुझ पर उसकी बेबफाई का .....
दीखते नहीं ऐ रंग हुजूर मेरे चहरे पर
अबतो जान गए होगे मैं कितना रंगीन हूँ
पीता हूँ साकी शराब जो रोज तेरे मयकदे में
तो क्या हुआ मैं शराबी नहीं थोड़ासा ग़मगीन हूँ .....
इन रंगो पर कोन सा रंग चढ़ेगा अब होली का
ऐ साकी देखा था एक रंग उसकी डोली का
मांग में भर लिया बही रंग किसी और कि रोली का
बस अब एक ही रंग बचता है ऐ मौत तेरा
जो फीका करदे रंग सारा ,जीवन कि इस होली का..
देवेन्द्र " सागर "
२५-०२-२०१४
♡♡♡कैसे खेलू होली ♡♡♡
पिया नहीं संग कैसे खेलू होली
लगता नहीं मन कैसे खेलू होली
कररही हूँ महशुस उनकेबिन अकेली
तू ही बता सखी कैसे खेलू होली...
लग रहा है फीका हर रंग
मन में यादो कि छिड़ी जंग
करकस लगरही है हर बोली
तू ही बता सखी कैसे खेलू होली .....
सुलग रहा है तन विरहा कि अगन में
रहती हूँ उनकी यादो से मगन में
आँखों में बसी तस्बीर अश्को से धोली
तू ही बता सखी कैसे खेलू होली .........
वो आए तो सबर जाऊ में
उन के प्रेम से बिगड़ जाउ में
छूटा सा कुछ उनसे झगड़ जाऊ में
बो मनाये और में करू ठिठोली
सखी प्रिय संग ही खेलू होली .....
देवेन्द्र " सागर "
***सजना होली में तुम आओना****
सारे त्यौहार रस्मो के
एक त्यौहार महोबत का "होली"
होली में मुझ को गले लगाओ ना
सजना होली में तुम आओना .......
रंगो का त्यौहार है होली
होली के रंगो में रांगजाओ ना
बेरंग है जीवन रंगीन कर जाओना
सजना होली में तुम आओना ....
जलरहा है सारा बदन
कैसी लगी ऐ प्रेम की अग्न
प्रीत के रंग से इसे बुझाओना
सजना होली में तुम आओना. .......
मैं हूँ नासमझ समझुना
नीला, पीला, हरा, लाल, गुलाबी, रंग अनेक
रंगो कि भाषा समझाओ ना
सजना होली में तुम आओना. ......
दिल के रंग से मांग सजादो
छूकर बदन दर्द मिटादो
लेके बहो में बहोके झूले झुलाओना
सजना होली मै तुम आओना .........
मैं राधा बन कर नाचोगी
सजना तेरे प्रेम राग में ,,,,,
तुम कान्हां बनकर बांसुरी बजाओना
सजना मुझको नचाओना
सजना होली में तुम आओना. .......
देवेन्द्र " सागर "



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