भावनाओं का सागर
मेरे दिल में उमड़तीं हुईं भावनाएं
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Friday, April 25, 2014
टूटा दिल
इस तरह भेदा है उसने दिल को
तीर-ऐ-बेबफाई से .......
डरने लगा हूँ आज मैं महोब्बत से
और जुदाई से.........
देवेन्द्र " सागर "
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