मेरी पहचान का प्रयत्न किया जाता है क्यूँ .... ???
मुझे मिटाने का यत्न किया जाता है क्यूँ ..... ???
गर आ भी जाती हूँ रसूकदारों कि दुनियां में
अनाथालय या कूड़ेदानों में फिकबाया जाता है क्यूँ . ??
मेरे पालन-पोषण में खेद होता है क्यूँ ..... ???
बेटे और बेटियो में भेद होता है क्यूँ ..... ????
बेटा मांगे तो न्योछाबर दौलत सरे जहाँ कि
बेटी मांगे तो जेब में छेद होता है क्यूँ .... ????
बेटा वंस चलाता है इसलिए बेटा आपना है
बेटी भी दो कुलो कि लाज निभाती फिर पराई क्यूँ ??
बेटा करे प्रेम-विवाह तो कोई बात नहीं
बेटी चुने जो अपना वर तो जग हंसाई क्यूँ ...????
सब के दुखो का मरहम बनती हूँ मैं
फिर मुझ को ही सताया जाता है क्यूँ ...?????
मैं नाचती ग्रहस्ती के आँगन में तेरे इशारो पर
फिर कोठो पर मुझे नचाया जाता है क्यूँ ....????
मारना ही हे तो मुझे विहा कर लाया जाता है क्यूँ ..??
चंद पैसो के लिए दहेज़ कि चिता में जलाया जाता है क्यूँ ....????????????.....?????
ऐसे ही कितने क्यूँ
...??.??.??
का जबाब खोजती हूँ ...!!!!!
बेटियो से सुसज्जित जहान
का खुआब सोचती हूँ ....!!!!!!!
क्या आप के पास है मेरे क्यूँ का जबाब ...??.???
देवेन्द्र "सागर"
२२ ०२ २०१४


No comments:
Post a Comment