भावनाओं का सागर
मेरे दिल में उमड़तीं हुईं भावनाएं
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Saturday, April 19, 2014
सबरना
बड़ी देर कर दी तुम ने
खुद को सवारने में
तुम्हारे लिए मुददतों से
हर पल बिखर रहे थे हम....
देवेन्द्र " सागर "
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