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Saturday, April 26, 2014

घोड़ी चढ़जा

     
     जीवन में एक बार ही मिलता मोका
     छक्के कि मत सोच मार चोका
     एक कदम बो चले दो कदम तू बड़जा
     करले शादी घोड़ी चड़जा ........

     शादी बो लड्डू खाये बो पछताए
     जो न खाये बो और भी पछताए
     तू भी इस का स्वाद चखजा
     करले शादी घोड़ी चड़जा .........

     प्रियशी के हाथ से खूब खाना मिठाई
     झिझक न नहीं गर साली करे खिचाई
     प्रियशी को देना बेसुमार प्यार भाई
     ले "सागर" सबका आशिर्बाद आगे बड़जा
     करले शादी करले घोड़ी चड़जा .....

      देवेन्द्र " सागर "

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