
जीवन में एक बार ही मिलता मोका
छक्के कि मत सोच मार चोका
एक कदम बो चले दो कदम तू बड़जा
करले शादी घोड़ी चड़जा ........
शादी बो लड्डू खाये बो पछताए
जो न खाये बो और भी पछताए
तू भी इस का स्वाद चखजा
करले शादी घोड़ी चड़जा .........
प्रियशी के हाथ से खूब खाना मिठाई
झिझक न नहीं गर साली करे खिचाई
प्रियशी को देना बेसुमार प्यार भाई
ले "सागर" सबका आशिर्बाद आगे बड़जा
करले शादी करले घोड़ी चड़जा .....
देवेन्द्र " सागर "
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