भावनाओं का सागर
मेरे दिल में उमड़तीं हुईं भावनाएं
Followers
Wednesday, September 10, 2014
खुबसूरत नागिन
कास में ना करता उससे महोब्बत
ना बो मेरे दिल में बस्ती.......
ना होता मैं उसका दीवाना
ना बो नागिन बन कर डसती.....
बो एक खूबसूरत नागिन ही थी
जिसने करके मेरी जिन्दगी बीरन
ऐसे बना दिया जैसे जिन्दगी हो
"सागर" में डूबती कश्ती....
देवेन्द्र "सागर"
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment