०१
मन के भाव
भरले तू उड़ान
टूटा पिंजरा
०२
खोल पिंजरा
भरने दे उड़ान
बेटी चहके
खोल पिंजरा
भरने दे उड़ान
बेटी चहके
०३
आजाद पाखी
उन्मुक्त गगन में
पंख पसारे
आजाद पाखी
उन्मुक्त गगन में
पंख पसारे
०४
कैद में पक्षी
सिमटती जिंदगी
मरते भाव
कैद में पक्षी
सिमटती जिंदगी
मरते भाव
देवेन्द्र सगर
"सागर"
"सागर"
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