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Monday, May 26, 2014

धड़कन




      हमने तो सिर्फ तुम्हारी धडकनों में जिया है..।
      पर क्या करे महसूस आपने आज किया है..।।
      २६-०५-०१४

      मेरी धडकनों में हे तू, अहसास तो कर..।
      तुझ में मैं मुझ में सिर्फ तू विश्वास तो कर..

      देवेन्द्र "सागर"
      २४-०५-२०१४


1 comment:

  1. मुझे पढने के लिए तहेदिल से शुक्रिया...।

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