ससुराल में दामाद तब सब को भाता है
सासु माँ की हमेसा हाँ में हाँ मिलाता है
साले - साली के सारे नखरे उठता है
रोज सुबह सब को चाय बना के पिलाता है
पत्नी के मन लगाकर पैर दबाता है
पत्नी डांट दे तब भी मुस्कुराता है...
और कहता है मुझे देखो और समझो
काँटों में रहकर फूल सोचो कैसे मुस्कुराता है....
देवेन्द्र "सागर"
18/12/2014




