Followers

Friday, December 19, 2014

ससुराल में पति



ससुराल में दामाद तब सब को भाता है
सासु माँ की हमेसा हाँ में हाँ मिलाता है

साले - साली के सारे नखरे उठता है
रोज सुबह सब को चाय बना के पिलाता है

पत्नी के मन लगाकर पैर दबाता है
पत्नी डांट दे तब भी मुस्कुराता है...

और कहता है मुझे देखो और समझो
काँटों में रहकर फूल सोचो कैसे मुस्कुराता है....

देवेन्द्र "सागर"
18/12/2014


Thursday, December 18, 2014

पाक आतंकी

मासूम बच्चो पर हुआ
आतंकी हमला बो
दर्द हमारा है.......

हर माँ तड़फती है
हर माँ सिसकती है
जो टुटगया आसमां से
बो किसी न किसी
माँ की आँख का
तारा है....

पाला है पाक सरकार ने
इन शैतानो को
अपनी ढाल बनाकर
बनाया अपना सहारा है....

इन्ही ढालो ने मासूम
फूलो का चमन
उजड़ा है....

ख़त्म न हो जाए
ऐ शैतान आतंकी
तब तक कैसे
घरसे बहार भेजू
लाल अपना
रहता है अबतो मुझको
हर वक़्त ख्याल तुम्हारा है....

देवेन्द्र "सागर"
१८/१२/२०१४



Sunday, December 14, 2014

""गरीबी""



खुशबू तो आती है रहीशो के वस्त्रो से
गरीवो में तो अक्सर महनत की वू होती है

महकता है आशियाना रहीसो के भोजन से
गरीवो के हाथो में तो बस भूक होती है

तुम तो रहते हो आशियाने में चैन से
गरीबो के सर रात ठण्ड दिन धूप होती है

उन्ही ने खड़ी की दीवारे उन्ही ने दी छत तुम्हे
उन्ही की चौखट पर गरीवी रोती है

क्यों इतराते हो बड़ी-बड़ी इमारतो पर
नीव में लगी ईट उन्ही के हाथो की होती है

देवेन्द्र "सागर"
12/12/2014

Saturday, December 13, 2014

बन जा भारत माँ का लाल


किसी की भरी है थाली
किसी की खाली है थाली
एक निवाला उसको डाल
बनजा भारत माँ का लाल

किसी के तन पर छ: कपडा
कोई ठण्ड से है जकड़ा
एक कपड़ा उसको भी निकाल
बनजा भारत माँ का लाल

किसी के बने भव्य महल
किसी की नहीं खपरेल
इनके लिए भी लगबा पंडाल
बन जा भारत माँ का लाल

किसी के पैसो से भरे खजाने
किसी के पास नहीं है आने
कुछ इन पर भी लुटले माल
बन जा भारत माँ का लाल

कमाले पुन: कहा मान हमारा
ऐ जिन्दगी न मिलेगी दोबारा
छोड़ मोह माया का जाल
बनजा भारत माँ का लाल

देवेन्द्र "सागर"
13/12/2014

Thursday, December 11, 2014

तू कहाँ है मेरी माँ

आज भी है अहसास
मुझे तुम्हारे कोमल
सुखद स्पर्श का
जब तुम फेरती थी
मेरे बालो में प्यार से
अपने हाथो की
कोमल उँगलियाँ
और में भूल कर सब कुछ
जन्नत का अहसास
करता था
कहाँ खो गया बो
सुखद स्पर्स
याद करता हूँ तो
कुंठित होती है मेरी जाँ
तू कहाँ है मेरी माँ
तू कहाँ है मेरी माँ

"सागर"
08/12/2014