किसी की भरी है थाली
किसी की खाली है थाली
एक निवाला उसको डाल
बनजा भारत माँ का लाल
किसी के तन पर छ: कपडा
कोई ठण्ड से है जकड़ा
एक कपड़ा उसको भी निकाल
बनजा भारत माँ का लाल
किसी के बने भव्य महल
किसी की नहीं खपरेल
इनके लिए भी लगबा पंडाल
बन जा भारत माँ का लाल
किसी के पैसो से भरे खजाने
किसी के पास नहीं है आने
कुछ इन पर भी लुटले माल
बन जा भारत माँ का लाल
कमाले पुन: कहा मान हमारा
ऐ जिन्दगी न मिलेगी दोबारा
छोड़ मोह माया का जाल
बनजा भारत माँ का लाल
देवेन्द्र "सागर"
13/12/2014

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