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Sunday, October 12, 2014

सरहद पर पीया मेरे


चाँद भी निहारता है मेरे पिया को
देता है दुआए धडकते जिया को
बो खड़ा आज भी बना सरहद पहरी
जब पूज रही तुम सब अपने पिया को

देवेन्द्र "सागर"
12/10/2014

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