भावनाओं का सागर
मेरे दिल में उमड़तीं हुईं भावनाएं
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Monday, August 4, 2014
शेर
सरगिराँ ना हो
मेरी महोब्बत से,
दिल में ना सही
घर में रहने दे
संग-ऐ-आस्ताँ
बनकर.....
देवेन्द्र "सागर"
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