कर के बाल विवाह क्यों
बच्चो पर अत्याचार करते हो
पढने-खेलने के दिन हे क्यों
बचपन से खिलबाड़ करते हो
जन्म दाता माँ-बाप हो उनके
नफरत करते हो या प्यार करते हो
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माँ छोटी बहुत लडो तेरी
तुझे छोड़कर कैसे जाऊँगी
रो-रो कर मर जाऊँगी
अभी विवाह नहीं करबाउगी
रो-रो कर मर जाऊँगी
माँ विवाह नही करबाउगी
उठता नहीं बस्ते का बोझ
गिरस्ती का बोझ कैसे उठाउगी
लिखना-पढना सब छूटेगा
मैं अनपढ़ ही रह जाऊँगी
रो-रो कर मर जाऊँगी
माँ विवाह नहीं कर बाउगी
यहाँ खाना माँ तू पकाती
हाथो से अपने मुझे खिलाती
जल जाऐगे मेरे नन्हें हाथ
मैं खाना कैसे पकाउगी
रो-रो कर मर जाऊँगी
माँ विवाह नहीं करबाउगी
माँ अभी तू लोरी गाती
मैं रख सर गोदी मे सोजाती
डर जाती तेरी लाडो परछाई से
वहाँ तुझबिन कैसे रहपाउगी
रो-रो कर मर जाऊँगी
माँ विवाह नहीं करबाउगी
माँ कली हूँ तेरी बगिया की
खिल के शोभा बडाऊँगी
खिलने से पहले टूट गई तो
यूँ ही मुरझा के रह जाऊँगी
जीते- जी मर जाऊँगी
माँ विवाह नहीं कर बाउगी
माँ कहते है लोग कई
बाल विवाह अपराध बड़ा
तेरी माँ अपराधी है
ऐ कैसे मैं सुन पाउगी
रो-रो कर मर जाऊँगी
अभी विवाह नहीं करबाउगी
देवेन्द्र "सागर"
०१-०८-२०१४

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