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Saturday, August 2, 2014

बाल विवाह


कर के बाल विवाह क्यों
     बच्चो पर अत्याचार करते हो
पढने-खेलने के दिन हे क्यों
     बचपन से खिलबाड़ करते हो
जन्म दाता माँ-बाप हो उनके
      नफरत करते हो या प्यार करते हो

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माँ छोटी बहुत लडो तेरी
तुझे छोड़कर कैसे जाऊँगी
रो-रो कर मर जाऊँगी
अभी विवाह नहीं करबाउगी

             रो-रो कर मर जाऊँगी
             माँ विवाह नही करबाउगी

उठता नहीं बस्ते का बोझ
गिरस्ती का बोझ कैसे उठाउगी
लिखना-पढना सब छूटेगा
मैं अनपढ़ ही रह जाऊँगी

           रो-रो कर मर जाऊँगी
           माँ विवाह नहीं कर बाउगी

यहाँ खाना माँ तू पकाती
हाथो से अपने मुझे खिलाती
जल जाऐगे मेरे नन्हें हाथ
मैं खाना कैसे पकाउगी

           रो-रो कर मर जाऊँगी
           माँ विवाह नहीं करबाउगी

माँ अभी तू लोरी गाती
मैं रख सर गोदी मे सोजाती
डर जाती तेरी लाडो परछाई से
वहाँ तुझबिन कैसे रहपाउगी

           रो-रो कर मर जाऊँगी
           माँ विवाह नहीं करबाउगी

माँ कली हूँ तेरी बगिया की
खिल के शोभा बडाऊँगी
खिलने से पहले टूट गई तो
यूँ ही मुरझा के रह जाऊँगी

           जीते- जी मर जाऊँगी
           माँ विवाह नहीं कर बाउगी

माँ कहते है लोग कई
बाल विवाह अपराध बड़ा
तेरी माँ अपराधी है
ऐ कैसे मैं  सुन पाउगी

           रो-रो कर मर जाऊँगी
           अभी  विवाह नहीं करबाउगी

देवेन्द्र "सागर"
०१-०८-२०१४


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