मेरे दिल में उमड़तीं हुईं भावनाएं
कैसे कह दूं मुझसे अलग है तूजबकि मेरी रूह की तलब है तूबहुत अच्छे👍
बहुतख़ूब दादा धन्यबाद
ना गिला कर, ना शिक़वा कर , ना इज़हार कर,,जिस्मो का नहीं ये रुहों का रिश्ता हैबस प्यार कर, प्यार कर, प्यार कर,देवेन्द्र सगर "सागर"
कैसे कह दूं मुझसे अलग है तू
ReplyDeleteजबकि मेरी रूह की तलब है तू
बहुत अच्छे👍
बहुतख़ूब दादा धन्यबाद
Deleteना गिला कर, ना शिक़वा कर , ना इज़हार कर,,
ReplyDeleteजिस्मो का नहीं ये रुहों का रिश्ता है
बस प्यार कर, प्यार कर, प्यार कर,
देवेन्द्र सगर "सागर"