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Thursday, August 28, 2014

प्यास

     
     बो प्यार के लम्हों को 
     फिर से जीना चाहता हूँ....
     तू प्यास है जिन्दगी की
     आ तुझे में पीना चाहता हूँ...

     देवेन्द्र "सागर"

3 comments:

  1. कैसे कह दूं मुझसे अलग है तू
    जबकि मेरी रूह की तलब है तू

    बहुत अच्छे👍

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  2. ना गिला कर, ना शिक़वा कर , ना इज़हार कर,,
    जिस्मो का नहीं ये रुहों का रिश्ता है
    बस प्यार कर, प्यार कर, प्यार कर,
    देवेन्द्र सगर "सागर"

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