Followers

Saturday, April 26, 2014

भारत का बलवीर

 
 

     मेरी शमसीर बहुत पुरानी है
     ये जंग की दीवानी है
     इसके विजय के बहुतेरे किस्से है
     इन किस्सो का हिस्सा मैं बन जाउगा
     मैं भारत का बालवीर हूँ
     भारत माँ का मान बढाँउगा .....

     नहीं ये किसी कि दासी है
     शिवाजी और वीर प्रताप के
     हाथो कि ये आदी है
     दुश्मनो का रक्त चढ़ाकर
     इसकी प्यास बुझाऊगा
     मैं भारत का बालवीर हूँ
     भारत माँ का मान बढाँउगा ......

     जो धरे नापाक कदम
     मेरी पुण्य बसुन्धरा पर
     ले शमसीर हाथो में
     सामने अड़ जाउगा
     खीच म्यान से शमसीर दुधारी
     दुश्मनो के शीश धड़ से
     अलग गिराऊगा
     मैं भारत का बालवीर हूँ
     भारत माँ का मान बढाँउगा .......

     रन-भूमी के वीर समर का
     इतिहास नहीं अभी पुराना है
     राष्ट्र की खातिर लड़ी समर मै
     उन देवीयों को भुला नहीं जमाना है ......

     देख सहास दुर्गावती का
     अकबर भी थर्राया था
     रानी अवंती बाई जब उतरी रन में
     कैप्टन वेडिंगटन चकराया था
     घोड़ो कि टापो से उसे
     खूंद-खूंद भगाया था
     लक्ष्मी  बाई जब लड़ी समर में
     दिखा कला शमसीर की
     अंग्रेजो का होस उड़ाया था .....

     जीते जी नहीं दिया राज्य अपना
     बलदानी परम्परा को निभाया था
     त्याग प्राण खुद ही अपने
    भारत माँ का मान बढ़ाया था ....

     उन्ही माताओ का दूध रगो में
     खोल रहा है लहू बन कर
     उस दूध कि लाज निभाउगा
     मै भारत का बालवीर हूँ
    भारत माँ का मान बढाँउगा.....

    देवेन्द्र " सागर "

1 comment: